छत्तीसगढ़

महासमुंद में रबी फसलों की खरीदी PM-AASHA योजना के तहत 30 मई तक

Shantanu Roy
3 April 2026 10:35 PM IST
महासमुंद में रबी फसलों की खरीदी PM-AASHA योजना के तहत 30 मई तक
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छग
Mahasamund. महासमुंद। जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) लागू किया गया है। इस योजना के अंतर्गत चना, मसूर और सरसों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने बताया कि जिले में रबी वर्ष 2026-27 में प्रमुख रूप से चना, मसूर और सरसों की फसल का उपार्जन किया जाएगा। किसानों का पंजीकरण एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किया गया है और केवल पंजीकृत कृषक ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

खरीदी कार्य के लिए जिले में कुल 6 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें कृषि उपज मंडी पिटियाझर महासमुंद, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सिर्रीपठारीमुड़ा बागबाहरा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति कोमाखान, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति पिथौरा, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बसना और कृषि उपज मंडी सरायपाली शामिल हैं। इन सभी केंद्रों में खरीदी ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाएगी। उप संचालक कृषि ने बताया कि उपार्जन अवधि 01 मार्च 2026 से 30 मई 2026 तक निर्धारित की गई है। इस दौरान चना का समर्थन मूल्य 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 7000 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।

किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित तिथि और संबंधित केंद्र पर अपनी उपज लेकर पहुंचें और योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य देना और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है। खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-समृद्धि पोर्टल का उपयोग अनिवार्य किया गया है, जिससे भुगतान सीधे किसानों के बैंक खाते में सुनिश्चित किया जाएगा। केंद्रों पर खरीदी के दौरान कृषि विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहेंगे, ताकि किसानों की सुविधा और शिकायतों का त्वरित निवारण किया जा सके। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल को सही समय पर और उचित गुणवत्ता के साथ केंद्रों पर लाएं। इस योजना के माध्यम से जिले के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी और उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित होगा। उप संचालक कृषि ने कहा कि प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा समय-समय पर मार्गदर्शन और निगरानी की जाएगी, ताकि योजना का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा हो।
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